गाजीपुर। किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने और बीज वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किए गए “साथी पोर्टल” को लेकर बुधवार को कृषि भवन स्थित सभागार में जागरूकता एवं प्रशिक्षण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला कृषि अधिकारी एवं अपर जिला कृषि अधिकारी ने अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित पक्षों को पोर्टल की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी।read more:https://khabarentertainment.in/meritorious-students-honored-at-klgm-inter-college-incentive-amount-of-%e2%82%b961000-distributed/जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि साथी पोर्टल का मुख्य उद्देश्य बीज उत्पादन, बीज प्रमाणीकरण और वितरण की संपूर्ण प्रक्रिया को डिजिटल, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद किसान बाजार में उपलब्ध बीजों की प्रमाणिकता स्वयं जांच सकेंगे, जिससे नकली और मिलावटी बीजों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगेगी।उन्होंने बताया कि पोर्टल पर पंजीकृत प्रत्येक प्रमाणित बीज पैकेट पर एक विशेष क्यूआर कोड अंकित होगा। किसान अपने मोबाइल से इस क्यूआर कोड को स्कैन कर बीज की शुद्धता, किस्म (वैरायटी), उत्पादन एवं वैधता अवधि (एक्सपायरी डेट) सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां तत्काल प्राप्त कर सकेंगे। इससे किसानों को सही बीज चुनने में आसानी होगी और फर्जी बीज बेचने वालों पर अंकुश लगेगा।बैठक के दौरान अधिकारियों ने साथी पोर्टल का लाइव प्रदर्शन कर पोर्टल के उपयोग की पूरी प्रक्रिया भी समझाई। किसानों और संबंधित कर्मचारियों को बताया गया कि किस प्रकार मोबाइल के माध्यम से कुछ ही मिनटों में बीज की सत्यता की जांच की जा सकती है।जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि इस पारदर्शी व्यवस्था से किसानों को गुणवत्तापूर्ण प्रमाणित बीज उपलब्ध होंगे, जिससे फसल उत्पादन में वृद्धि होगी, लागत कम आएगी और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे केवल अधिकृत बीज विक्रेताओं से ही बीज खरीदें तथा खरीदारी के समय साथी पोर्टल के माध्यम से उसकी प्रमाणिकता की जांच अवश्य करें।