कानपुर देहात।संविधान का अनुच्छेद 39-A कहता है कि “न्याय गरीब की पहुंच से दूर नहीं होना चाहिए।” इसी भावना को जमीन पर साकार कर रहा है जनपद कानपुर देहात का जिला विधिक सेवा प्राधिकरण। सर्व समाज के गरीब, असहाय और पीड़ित वर्ग के लिए DLSA आज आपातकाल में कानूनी सहायता का सबसे मजबूत और भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरा है।read more:https://khabarentertainment.in/joint-operation-by-police-and-ssb-at-the-india-nepal-border-one-accused-arrested-with-13-grams-of-smack/
*नेतृत्व जिसने दिशा दी*
इस बदलाव के केंद्र में हैं DLSA कानपुर देहात के माननीय अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश श्री रविंद्र सिंह। उनके दूरदर्शी निर्देशन में प्राधिकरण ने ‘निष्पक्ष और पारदर्शी न्याय’ को केवल नारा नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत बनाया है। श्री रविंद्र सिंह जी का स्पष्ट मत है कि न्याय पाने का अधिकार हर नागरिक का है, चाहे उसकी जेब में पैसा हो या न हो। उनके मार्गदर्शन में DLSA ने कानूनी साक्षरता को गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया है
*प्रयास जो वरदान बने*
अध्यक्ष महोदय के विजन को धरातल पर उतारने का बीड़ा उठाया है प्राधिकरण की माननीया सचिव श्रीमती नूपुर श्रीवास्तव ने। उनके अथक प्रयास आज जिले के हजारों पीड़ितों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। चाहे घरेलू हिंसा की शिकार महिला हो, दुर्घटना का पीड़ित हो, या जमीनी विवाद में उलझा गरीब किसान – श्रीमती नूपुर श्रीवास्तव की तत्परता से हर जरूरतमंद को समय पर मुफ्त वकील, सलाह और संरक्षण मिल रहा है।
*जागरूकता और सुलह की नई मिसाल*
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कानपुर देहात के प्रयासों से अधिक से अधिक पारिवारिक विवाद से संबंधित मामलों में दोनों पक्षों की सहमति से सुलह-समझौते हो रहे हैं, जिससे परिवार टूटने से बच रहे हैं और न्यायालयों का बोझ भी कम हो रहा है। वहीं प्राधिकरण की सचिव महोदया के द्वारा विशेष अभियान चलाकर आम जनमानस को कानूनी जानकारी देकर जागरूक किया जा रहा है। खासकर महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति DLSA की सचिव महोदया द्वारा निरंतर जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही जिला कारागार कानपुर देहात में निरुद्ध बंदियों को भी कानूनी सहायता पूरी प्राथमिकता से दी जा रही है, ताकि कोई भी विचाराधीन बंदी केवल वकील न होने के कारण जेल में न रहे।
*क्या बदल रहा है कानपुर देहात में?*
1. *जागरूकता:* आम नागरिक अब जानता है कि DLSA से मुफ्त वकील, कोर्ट फीस माफी, लोक अदालत और मीडिएशन जैसी सुविधाएं मिलती हैं।
2. *आपातकालीन मदद:* रात-बेरात पुलिस द्वारा न सुनवाई होने पर, महिला उत्पीड़न या बाल शोषण के मामलों में DLSA तुरंत संज्ञान ले रहा है।
3. *मानवीय दृष्टिकोण:* सचिव महोदया खुद केसों की मॉनिटरिंग कर रही हैं, जिससे पीड़ितों को महसूस होता है कि सिस्टम उनके साथ खड़ा है।
*न्याय अब विशेषाधिकार नहीं, अधिकार है*
पहले गरीब आदमी सोचता था कि “कोर्ट-कचहरी बड़े लोगों के लिए है।” लेकिन माननीय श्री रविंद्र सिंह जी के नेतृत्व और श्रीमती नूपुर श्रीवास्तव जी की कार्यशैली ने यह मिथक तोड़ दिया है। आज कानपुर देहात का DLSA यह साबित कर रहा है कि अगर नीयत साफ हो और प्रयास सच्चे हों, तो न्याय की चौखट तक हर फरियादी पहुंच सकता है।
जिले के कोने-कोने से आ रही दुआएं इस बात का प्रमाण हैं कि DLSA कानपुर देहात सही मायनों में ‘आम जनमानस का प्राधिकरण’ बन चुका है। यह पहल निश्चित रूप से अन्य जनपदों के लिए भी एक अनुकरणीय मिसाल है।
*बॉक्स आइटम: DLSA से कैसे लें मदद?*
*स्थान:* जिला न्यायालय परिसर, कानपुर देहात
*सुविधा:* निःशुल्क वकील, परामर्श, लोक अदालत, मीडिएशन, जेल में बंदियों को सहायता
*किसके लिए:* महिला, बच्चे, SC/ST, आपदा पीड़ित, सालाना आय 3 लाख से कम वाले सभी नागरिक