भारत के पड़ोस में भी कांपी धरती, चीन में 5.5 तीव्रता का भूकंप

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बीजिंग। वेनेजुएला में भूकंप की तबाही से अभी दुनिया उबर भी नहीं पाई थी कि अब भारत के पड़ोस यानी चीन में धरती कांप उठी है। दक्षिण- पश्चिम चीन के सिचुआन प्रांत में 5.5 तीव्रता का तेज भूकंप आया है, जिसके झटके स्थानीय समयानुसार देर रात महसूस किए गए और इससे लोगों में दहशत फैल गई। देर रात आए इस जोरदार भूकंप के झटके सिचुआन प्रांत के यिबिन शहर के गाओक्सियन काउंटी में महसूस किए गए, जिसका केंद्र जमीन से महज 6 किलोमीटर की गहराई पर था। भूकंप की तीव्रता इतनी थी कि इसके झटके चेंगदू और चोंगकिंग जैसे बड़े क्षेत्रीय केंद्रों तक महसूस किए गए, जिससे आधी रात को लोग अपने घरों से बाहर भागते दिखाई दिए।read more:https://pahaltoday.com/after-hearing-the-arguments-of-advocate-girish-srivastava-and-examining-the-file-sufficient-grounds-for-bail-were-found/अभी तक की जानकारी के मुताबिक, इस भूकंप से केंद्र के पास की कुछ इमारतों की दीवारों को मामूली नुकसान पहुंचा है और आपातकालीन टीमें नुकसान का आकलन कर रही हैं। राहत की बात यह है कि अभी तक किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है। उल्लेखनीय है कि चीन में इस भूकंप से पहले भी दुनिया के कई हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। दो दिन पहले यानी शनिवार को अफगानिस्तान में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके कारण दिल्ली-एनसीआर के अलावा जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में तेज झटके महसूस किए गए थे। इसके बाद रविवार को जापान के उत्तर-पूर्वी हिस्से में 6.1 तीव्रता का भूकंप आया। इवाते प्रांत के तट के पास सुबह सात बजकर 25 मिनट पर आए इस भूकंप का केंद्र करीब 40 किलोमीटर (25 मील) की गहराई में था।  जापान में आए इस भूकंप के झटके आओमोरी प्रांत और आसपास के अन्य क्षेत्रों में भी महसूस किए गए, हालांकि इसमें भी किसी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं आई। वहीं, वेनेजुएला में आए भूकंप के झटकों से मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, जो अब तक 1500 से अधिक हो चुकी है। अधिकारियों के अनुसार, परिवारों ने कम से कम 68,900 लोगों के लापता होने की जानकारी दी है। इस सबके बीच, वेनेजुएला में लोगों में हताशा बढ़ती जा रही है। वेनेजुएला के सबसे बुरी तरह प्रभावित राज्यों में से एक, ला ग्वायरा में, अपने प्रियजनों और पड़ोसियों की तलाश कर रहे लोग फावड़ों, भारी मशीनों, रस्सियों और अपने हाथों का इस्तेमाल करके कंक्रीट के ढेर को हटाने की कोशिश करते दिखे, जो वहां की भयावह स्थिति को दर्शाता है।

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