लाखों की लागत से बना सरकारी पंप बना सफेद हाथी 

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पिलखुआ ।  क्षेत्र के बजरंग पुरी में स्थित एक फर्नीचर गोदाम में लगी भीषण आग के दौरान दमकल विभाग के कर्मचारियों को पानी की भारी समस्या का सामना करना पड़ा। आपातकालीन स्थिति में आग पर जल्द काबू पाने के लिए पर्याप्त जल स्रोत उपलब्ध नहीं हो सका, जिससे आग फैलती गई और नुकसान बढ़ गया। स्थानीय सुरेश का आरोप है  कि यदि गोदाम के निकट स्थित सरकारी नलकूप पंप चालू अवस्था में होता तो आग को शुरुआती चरण में ही नियंत्रित किया जा सकता था।
घटना के बाद बजरंग पुरी स्थित नलकूप पंप की स्थिति को लेकर लोगों में खासा आक्रोश देखने को मिला।read more:https://pahaltoday.com/mohsina-kidwai-passes-away-an-era-has-come-to-an-end/जानकारी के अनुसार इस पंप के निर्माण और स्थापना पर नगर पालिका द्वारा लाखों रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन वर्तमान में यह उपयोग के बजाय उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि पंप परिसर का उपयोग केवल झाड़ू रखने और कुछ लोगों द्वारा सब्जियां रखने के लिए किया जा रहा है, जबकि आपात स्थितियों में यह पूरी तरह बेकार साबित हुआ।मौके पर पहुंचे दमकल विभाग के कर्मचारियों ने भी पंप की बदहाल स्थिति पर निराशा व्यक्त की। उनका कहना था कि यदि यह जल स्रोत कार्यरत होता तो आग बुझाने में काफी सहायता मिलती और नुकसान को सीमित किया जा सकता था। क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से जवाबदेही तय करने तथा पंप को शीघ्र चालू कराने की मांग की है। घटना ने नगर पालिका की व्यवस्थाओं और सार्वजनिक संसाधनों के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि करोड़ों और लाखों रुपये की योजनाएं तभी सार्थक हैं, जब उनका लाभ जरूरत के समय जनता को मिल सके।

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