शोभायात्रा में दिखेगी जनजातीय संस्कृति की अनुपम छटा

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नई दिल्ली,  दिल्ली में जनजातीय सांस्कृतिक समागम की तैयारियां अपने अंतिम पड़ाव की है। यह कार्यक्रम भारतवर्ष के विभिन्न जनजातीय संस्कृति से लोगों को अवगत कराने का काम करेगा। कार्यक्रम को भव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए विभिन्न संगठनों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को दिल्ली के पांच स्थानों से निकलने वाले शोभायात्रा को सफल और सार्थकता प्रदान करने की जिम्मेदारी दी गई है। दिल्ली अभाविप के प्रांत संगठन मंत्री रामकुमार ने कहा कि यह हमारे लिए गौरव का क्षण है। जनजातीय समाज भारत की अंतरात्मा का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में उनकी मेहमानवाजी करना हमारे लिए एक सुखद अनुभूति है।अभाविप के प्रत्येक कार्यकर्ता कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान सुनिश्चित कर रहे हैं।read  more:https://pahaltoday.com/patanjali-yogpeeth-organised-a-three-day-free-yoga-therapy-and-meditation-camp/शोभायात्रा पांच स्थानों से निकलेगी। इसमें राजघाट से लाल किला, रामलीला मैदान से लाल किला, अजमेरी गेट से लाल किला, कुदसिया बाग से लाल किला और श्यामगिरि मंदिर से लाल किला स्थानों से शोभायात्रा निकलेगी जिसमें जनजातीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व देखने को मिलेगा। प्रत्येक शोभायात्रा में लगभग पच्चीस हजार लोगों की उपस्थिति का अनुमान है। यह यात्रा को सफल बनाने के लिए अभाविप के कार्यकर्ता इस भीषण गर्मी में अपना सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

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