फर्जी डॉक्टरनी मामला —25,000/- रुपये की धनराशि की इनामिया वांछित अभियुक्ता को किया गया गिरफ्तार 

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ललितपुर- पुलिस अधीक्षक,  मो0 मुश्ताक  के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक, जनपद ललितपुर  कालू सिंह एवं क्षेत्राधिकारी, सदर  सुनील कुमार भारद्वाज के निकट पर्यवेक्षण में थाना कोतवाली ललितपुर पुलिस द्वारा थाना कोतवाली ललितपुर पर पंजीकृत मु0अ0सं0 1422/2025 धारा 319(2),318(4),338,336(3),336(4),340(2),61(2) BNS में प्रकाश में आयी वांछित इनामिया अभियुक्ता लवीना सिंह उर्फ दीपाली गुप्ता पत्नि अभिनव सिंह करीब 56 वर्ष निवासी मुहल्ला तालाबपुरा थाना कोतवाली ललितपुर जनपद ललितपुर हाल पता आरएलएम कालेज के पास, खुरई थाना खुरई ग्रामीण जिला सागर म0प्र0 को नियमानुसार गिरफ्तार किया गया । गिरफ्तारशुदा अभियुक्ता को न्यायिक अभिरक्षा हेतु मा0 न्यायालय के समक्ष भेजा गया है  वादी मुकदमा डॉ. रामनरेश सोनी (उप मुख्य चिकित्साधिकारी) कार्यालय सी.एम.ओ. ललितपुर द्वारा थाना कोतवाली ललितपुर पर प्रार्थना-पत्र देकर अवगत कराया था कि अभियुक्त द्वारा अपने जीजा(बहन के पति) की पहचान व उनकी एमबीबीएस तथा एमडी की डिग्री लेकर कूट रचित दस्तावेज तैयार कर, भौतिक व आर्थिक लाभ हेतु स्वायत्तशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज, ललितपुर में जिला सीसीयू एवं कैंसर केयर की यूनिट में विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट एवं जनरल मेडिसिन) के पद पर नौकरी प्राप्त कर, अनैतिक लाभ प्राप्त करना एवं ह्रदय रोग विशेषज्ञ की न तो कोई डिग्री होने और न ही किसी प्रकार का अनुभव होने के बावजूद कई मरीजों के जीवन के साथ जानबूझकर खिलवाड़ किया गया है प्रार्थना-पत्र के आधार पर थाना कोतवाली ललितपुर पर तत्काल सुसंगत धाराओ में अभियोग पंजीकृत किया गया था । जिसमें अभियुक्त अभिनव सिंह को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था । इसी प्रकरण में प्रकाश में आयी अभियुक्ता लवीना सिंह उपरोक्त को नियमानुसार गिरफ्तार किया गया है अटंटंंअभियुक्ता लवीना सिंह उपरोक्त  ने पूछने पर बताया कि मैने अपनी 10th व 12th की पढाई जनपद मिर्जापुर व BSC और MSC की  पढाई जनपद मेरठ से की है ।read more:https://pahaltoday.com/the-administrations-bulldozers-were-used-against-illegal-encroachments-and-government-land-in-several-tehsils-was-freed-from-encroachment/
मेरी शादी अभिनव सिंह के साथ हुई थी, जो कस्टम विभाग में बाम्बे में तैनात थे । तैनाती के दौरान मेरे पति के ऊपर करप्सन का मुकदमा लिख गया था, जिसके बाद वह कई जगहों पर छिपते रहे । हमारे घर की स्थिति बहुत ज्यादा खराब हो गयी थी, इसलिये मेरे पति व मैने मिलकर अपने बहनोई डा0 राजीव गुप्ता व ननद डा0 दीपाली गुप्ता जो अमेरिका में डाक्टर है और वहीं पर रहते हैं, उनके मेडीकल के शैक्षणिक दस्तावेज, उनकी सहमति के बिना धोखाधडी व  बेईमानी से कपट पूर्वक बदनियति से प्राप्त कर, उनमे कूटरचना करके, आपराधिक षडयंत्र रचकर  कूटरचित मेडीकल प्रपत्र तैयार करके उनके आधार पर हम दोनो लोग फरीदाबाद में डाक्टरी करने लगे थे । इसी बीच वर्ष 2019 में मेरे पति को सीबीआई टीम ने जनपद मथुरा से पकड़ लिया था और वह जेल चले गये थे । जेल से बाहर आने के बाद मेरे पति व मैने मिलकर पुनः अपनी ननद डा0 दीपाली गुप्ता व बहनोई राजीव गुप्ता के मेडीकल के दस्तावेज/डिग्रियों में कूटरचना करके वर्ष 2021 में विवेकानन्द केन्द्र BORL, हॉस्पीटल  बीना, जिला सागर, म0प्र0 में डाक्टरी के पद पर तैनात हो गये थे । इसके कुछ समय बाद मेरे पति अभिनव सिंह ने NHM के द्वारा निकली पोस्ट पर अप्लाई करके जिला अस्पताल ललितपुर में कार्डियोलाजिस्ट के पद पर कार्य कर रहे थे । तभी मेरी ननद व बहनोई को इस बात की जानकारी होने पर उनके द्वारा पुलिस में शिकायत कर दी गयी थी, जिसमें मेरे पति अभिनव सिंह को पुलिस ने पकड़कर जेल में भेज दिया था । साहब मैने व मेरे पति ने अपने बहनोई व ननद के मेडीकल प्रपत्रों की क्षदम प्रतिरूपण कर, धोखाधड़ी करते हुए कई जगहों पर डाक्टर के पद पर रहते हुए काफी धनराशि संगठित रूप से अर्जित की है तथा उस धनराशि से कई जगहों पर जमीनें, मकान , मंहगी-मंहगी गाडियां खरीदी है तथा अपने ऐशो-आराम पर खर्च किया है । साहब मुझसे गलती हो गयी मुझे मांफ कर दीजिये ।

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