बाराबंकी। निंदूरा ब्लॉक अंतर्गत कुर्सी कस्बे में लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग पर चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य ने राहगीरों और स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर डाली गई गिट्टियों पर नियमित पानी का छिड़काव न होने से भारी मात्रा में धूल उड़ रही है, जिससे आमजन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उड़ती धूल के कारण राहगीरों, दुकानदारों और स्कूली बच्चों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब हो गई है। लोगों का कहना है कि धूल के कारण आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी और सड़क हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इन दिनों कुर्सी कस्बे में लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। सड़क पर गिट्टियां डालकर रोलिंग तो कर दी गई, लेकिन पानी न डाले जाने से धूल का गुबार उड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार सबसे ज्यादा दिक्कत उस समय होती है जब बड़े वाहन सड़क से गुजरते हैं। read more:https://pahaltoday.com/demand-for-construction-of-pwd-road-was-raised-in-the-village-chaupal-district-development-officer-heard-the-grievances-of-the-villagers/ भारी वाहनों के पीछे चल रहे दोपहिया वाहन चालकों और साइकिल सवारों को धूल के कारण आगे का रास्ता दिखाई नहीं देता। कई बार सामने से आ रहे वाहन भी स्पष्ट नहीं दिखते, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। धूल का असर केवल राहगीरों तक सीमित नहीं है। इसी मार्ग से गुजरने वाले स्कूली बच्चों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों की आंखों में धूल के कण चले जाने से उन्हें चलने-फिरने और देखने में दिक्कत हो रही है। वहीं सड़क किनारे रहने वाले परिवारों और दुकानदारों की समस्या भी कम नहीं है। स्थानीय निवासी राकेश कुमार, उमेश कुमार, लतीफ अहमद और नफीस अंसारी ने बताया कि धूल के कारण घर और दुकानें दिनभर गंदगी से पट जाती हैं। दुकानदारों को दिन में कई बार सफाई करनी पड़ रही है। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या से पूरी तरह अनजान बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उड़ती धूल के कारण कई लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों को ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। धूल की वजह से सड़क पर दृश्यता कम हो जाने से कई लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। इस मामले में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता उदित भटनागर ने बताया कि कार्यदायी संस्था को धूल उड़ने वाले स्थानों पर नियमित रूप से पानी डालने के निर्देश दिए जाएंगे। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक मौके पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक राहगीरों और आसपास के लोगों की परेशानी कम नहीं होगी।