गाजीपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन तथा पशुपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग द्वारा बकरी पालन योजना संचालित की जा रही है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा अरविन्द कुमार शाही ने बताया कि राज्य योजना के अंतर्गत जनपद में 05 बकरी तथा 01 बकरा की कुल 10 इकाइयां स्थापित की जानी हैं। योजना में प्रति इकाई कुल लागत 60 हजार रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें 54 हजार रुपये राज्यांश के रूप में तथा 6 हजार रुपये लाभार्थी अंश के रूप में वहन करना होगा।read more:https://pahaltoday.com/pms-bet-could-be-to-reduce-the-dollars-arrogance-using-gold/
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ जनपद के 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी वर्गों के पात्र ग्रामीण लाभार्थियों को दिया जाएगा। चयन प्रक्रिया में भूमिहीन महिला एवं पुरुष, विधवा निराश्रित महिलाएं तथा बेरोजगार परिवारों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही उपलब्धता के अनुसार तीन प्रतिशत दिव्यांगजन को भी योजना में शामिल किया जाएगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि भेड़ एवं बकरी पालन प्रशिक्षण केन्द्र इटावा, केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान फरह मथुरा अथवा दुवासु मथुरा से प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों को वरीयता दी जाएगी। लाभार्थियों के चयन के दौरान निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 20 प्रतिशत अतिरिक्त अभ्यर्थियों की प्रतीक्षा सूची भी तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि इच्छुक पशुपालक अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय अथवा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय गाजीपुर में संपर्क कर 14 जून 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। विभाग ने अधिक से अधिक ग्रामीणों से योजना का लाभ उठाने की अपील की ।