सहारनपुर। बुधवार देर रात आए तेज आंधी-तूफान ने शहर में भारी तबाही मचाई। नवादा रोड स्थित स्वर्ण पैलेस बैंक्विट हॉल की टिन शेड वाली छत तेज हवाओं का दबाव नहीं झेल सकी और दीवार सहित भरभराकर नीचे गिर गई। हादसे में बैंक्विट हॉल को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। गनीमत यह रही कि घटना के समय बैंक्विट हॉल के अंदर कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था और सैकड़ों लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
जानकारी के अनुसार होटल स्वर्ण पैलेस की गली की ओर बनी दीवार के ऊपर लगे तीन भारी भरकम टिन शेड तेज तूफान के दौरान अचानक गिर पड़े। तेज आवाज के साथ शेड नीचे गिरने से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में हॉल के अंदर रखा फर्नीचर, एयर कंडीशनर, सजावटी सामान और अन्य सामग्री क्षतिग्रस्त हो गई। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार होटल प्रबंधन को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।read more:https://pahaltoday.com/mp-mahato-not-ready-to-accept-pm-modis-appeal/स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बुधवार रात किसी शादी समारोह या अन्य आयोजन का कार्यक्रम होता तो यह हादसा भयावह रूप ले सकता था। लोगों के अनुसार जिस स्थान पर टिन शेड गिरी, वहां सामान्य दिनों में बड़ी संख्या में मेहमान बैठते हैं। ऐसे में यह घटना एक बड़े खतरे की चेतावनी मानी जा रही है। घटना के बाद बैंक्विट हॉलों की निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि सहारनपुर में अधिकांश बैंक्विट हॉलों की छतें टिन शेड से निर्मित हैं। इन टिन शेडों को अंदर से टेंट के कपड़े, सजावटी पर्दों, झूमरों और लाइटिंग से इस तरह ढक दिया जाता है कि वास्तविक ढांचा दिखाई नहीं देता। चमकदार सजावट के पीछे सुरक्षा मानकों की अनदेखी आम लोगों की नजरों से छिप जाती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बुधवार की आंधी में जिस प्रकार स्वर्ण पैलेस की टिन शेड वाली छत धराशायी हुई, उसी प्रकार शहर के अन्य बैंक्विट हॉल भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। लोगों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो भविष्य में किसी बड़े समारोह के दौरान जानमाल का भारी नुकसान हो सकता है। सूत्रों के अनुसार होटल स्वामी नवीन मक्कड़ से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो सकी। वहीं घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने विकास प्राधिकरण और प्रशासन से शहर में संचालित सभी बैंक्विट हॉलों की तकनीकी जांच कराने की मांग उठाई है। शहरवासियों ने आरोप लगाया कि चिलकाना रोड, मंडी समिति रोड, अंबाला रोड और थाना कुतुबशेर क्षेत्र के आसपास कई बैंक्विट हॉल सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर संचालित किए जा रहे हैं। इससे पहले भी शहर के कई होटलों और बैंक्विट हॉलों में आग और अन्य हादसे हो चुके हैं। बावजूद इसके संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी बैंक्विट हॉलों की संरचनात्मक मजबूती, अग्निशमन व्यवस्था और निर्माण मानकों की जांच कराई जाए तथा नियम विरुद्ध संचालित प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके ।