सरयू तट के मुक्तिपथ पर गूंजेगा रुद्र महायज्ञ, पितरों की तृप्ति को उठेगा जनआस्था का महासंकल्प

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बड़हलगंज। जनपद के दक्षिणांचल स्थित विधानसभा क्षेत्र चिल्लूपार के बड़हलगंज सरयू तट पर जन सहयोग से निर्मित मानव काया के अंतिम पड़ाव मुक्तिपथ पर  आगामी 11 से 17 अक्टूबर 2026 तक तक पितरों की तृप्ति के लिए होने जा रहे रुद्र महायज्ञ की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं।नगर पंचायत बड़हलगंज सभागार में महायज्ञ के मुख्य संयोजक, विधायक चिल्लूपार राजेश त्रिपाठी की अध्यक्षता और संयोजक महेश उमर की देखरेख में सम्पन्न हुई क्षेत्र के गणमान्य जनों की बैठक में महायज्ञ के आयोजन के निमित्त अलग-अलग डेढ़ दर्जन आयोजन समितियों का गठन किया गया।read more:https://pahaltoday.com/celebrated-birthday-with-children-distributed-stationery-and-fruits/बैठक को संबोधित करते हुए विधायक श्री त्रिपाठी ने महायज्ञ की रूपरेखा और उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन संस्कृति में माना जाता है कि जिसके पितर तृप्त होते हैं, उसके वंशज संतृप्त होते हैं । कभी राजा भगीरथ ने भी पितरों की तृप्ति के तप-यज्ञ कर गंगा को धरती पर उतारा था । वैसी ही लोक लोक-मंगल की कामना लेकर रंग महल अयोध्या के पीठाधीश्वर श्री रामशरण दास जी महाराज के मुख्य संरक्षण में पितरों की तृप्ति के लिए रुद्र महायज्ञ का आयोजन होने रहा है।इस महायज्ञ के लिए जनजागरण और जनभागीदारी सुनिश्चित कराने के लिए आगामी 14 मई को बड़हलगंज चरण पादुका कुटी पर महायज्ञ की जानकारी से सम्बन्धित पत्रक, स्टीकर, पोस्टर के साथ ऑडियो-वीडियो विजुअल्स का लोकार्पण किया जाएगा और वहीं से जन-आमंत्रण हेतु जनजागरण रथयात्रा निकलेगी जो उरुवा क्षेत्र के धुरियापार धवलेश्वरनाथ मन्दिर तक जायेगी और वहां पूजन-अर्चन के बाद हर घर जनसम्पर्क आरम्भ होगा जहां हल्दी और तुलसीपत्र से निमंत्रण देकर हर घर से एक मुट्ठी चावल व सहयोग प्राप्ति अभियान की भी शुरुआत होगी,  इस महायज्ञ के सह संयोजक महेश उमर ने बताया कि आयोजन से जुड़े स्वयंसेवी और संस्थायें क्षेत्र के सभी गांवों में प्रत्येक घर पर जायेंगे और हर और परिवार की भागीदारी इस यज्ञ में सुनिश्चित करेंगे । इसके लिये न्याय पंचायत, ग्राम व नगर पंचायत स्तर पर जनसंपर्क टीम का गठन किया गया है। इस महायज्ञ में सात दिन तक श्रीमद्भगवत कथा के लिए आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी जी का कार्यक्रम मिल चुका है ।इसके अतिरिक्त पूज्य शंकराचार्य जगदगुरु श्री बासुदेवानन्द सरस्वती जी, जगदगुरू बल्लभ देवाचार्य जी, जगदगुरू सतुवा बाबा, जगदगुरू अर्जुनाचार्य जी महाराज, डा. रामानंद दास महाराज, महंथ विनोद जी महाराज, महंथ राजूदास जी महाराज जैसे अनेक संत, महात्मा, पीठाधीश्वर, धर्माचार्य का आगमन सुनिश्चित हो गया है ।महायज्ञ की पवित्रता और भव्यता के लिये धर्माचार्यों के निर्देशन में मुक्तिपथ की व्यवस्था में भी परिवर्तन किया जा रहा है। शवों को शवदाह स्थल तक ले जाने के लिये अलग से मार्ग बनाने की व्यवस्था की जा रही है ।महायज्ञ का परिक्रमा मार्ग अलग करने के लिए यज्ञ मंडप में प्रवेश के लिए अलग द्वार बनाया जा चुका है इसके साथ अन्य भी प्रयास किये जा रहे हैं ताकि चिल्लूपार ही नहीं संपूर्ण भारत और विश्व में पहली बार आयोजित होने जा रहे अपनी तरह के अनूठे इस पितर तृप्ति रुद्र महायज्ञ की भव्यता और दिव्यता और पवित्रता बनी रहे। इस अवसर पर पूर्व प्रमुख रामबेलास तिवारी, राजीव पाण्डेय, रामबेलास यादव, भाजपा मण्डल अध्यक्ष दुर्गेश मिश्र, पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनय तिवारी, आचार्य वेदप्रकाश त्रिपाठी, सन्तोष जायसवाल, डा विजय कुमार जायसवाल, रमेश शाही, अष्टभुजा सिंह, बनवारी प्रसाद, मुख्तार यादव, ओमप्रकाश यादव, विशाल सिंह, श्रीकांत सोनी, बृजेश वर्मा नरहरपुर मंडल अध्यक्ष, सुरेश उमर, डा. शैलेश पाण्डेय, रामनागीना त्रिपाठी, धर्मराज निषाद, शमीउल्लाह अंसारी, कृष्ण कुमार गुप्त, सुधीर पटेल, आनन्द त्रिपाठी, संजय मौर्य, दिलीप निगम, अमलेश भारती, अजय दूबे, आदर्श शाही, दीपक गुप्ता, प्रकाशवीर जायसवाल, राजकुमार निगम, हरिकेश यादव आदि मौजूद रहे ।

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