16 राज्यों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी

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नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में अचानक बदले मौसम के मिजाज ने चिंता बढ़ा दी है। आसमान में गरजते काले बादल और 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं ने लोगों को सतर्क कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कुल 16 राज्यों में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश, बिजली गिरने और ओलावृष्टि का बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे कम दबाव के क्षेत्र के कारण यह मौसमी उथल-पुथल मची है। अगले कुछ दिनों तक दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में मौसम की स्थिति काफी संवेदनशील रहेगी। जहां एक तरफ इस बदलाव से भीषण गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर तूफानी हवाएं और आकाशीय बिजली जान-माल के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं। मौसम विभाग ने बताया कि 10 से 14 मई के बीच मौसम का प्रभाव सबसे अधिक रहेगा। दिल्ली-एनसीआर में 11 और 12 मई को तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की संभावना है, जिसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश और बिहार में हालात अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं; यहाँ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। विशेषकर बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया जैसे जिलों में अगले चार दिन खराब मौसम की चेतावनी दी गई है। वहीं आईएमडी ने किसानों को अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने और आम नागरिकों को बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग की ताजा अपडेट्स पर नजर रखें। हालांकि इस बारिश से तापमान में गिरावट आएगी और लू से राहत मिलेगी, लेकिन प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सजग रहना अनिवार्य है। पहाड़ों पर बर्फबारी और दक्षिण में भारी वर्षा उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों—उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ के चलते ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना है। वहीं, दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना में बंगाल की खाड़ी के सिस्टम के कारण मूसलाधार बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत में भी साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते असम और अरुणाचल प्रदेश में तूफानी बारिश का खतरा बना हुआ है।

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