गाजीपुर जमानियां। कैमूर के घने जंगलों और ऊंचे पहाड़ों के बीच स्थित गुप्ता धाम (गुप्तेश्वर नाथ मंदिर) कांवड़ियों के लिए एक अत्यंत पवित्र और लोकप्रिय तीर्थ स्थल है। महाशिवरात्रि और सावन जैसे पावन अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।शनिवार को कस्बा बाजार स्थित पक्का बलुआ घाट पर गंगा नदी के तट पर कांवड़ियों का विशाल जत्था पहुंचा, जहां श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से स्नान किया। स्नान के बाद कांवड़िए गंगाजल लेकर बोलबम और हर-हर महादेव के जयकारों के साथ गुप्ता धाम की कठिन यात्रा पर रवाना हुए।बताया जाता है कि यह पवित्र स्थल करमचट बांध से लगभग 20-25 किलोमीटर आगे दुर्गम पहाड़ी और जंगलों के बीच स्थित है। यहां भगवान भोलेनाथ का मंदिर एक प्राकृतिक गुफा के अंदर है, जहां निरंतर जलधारा शिवलिंग पर गिरती रहती है, जो इसे और भी दिव्य बनाती है। यहां का वातावरण अत्यंत शांत और आध्यात्मिक होता है।बैसाखी और शिवरात्रि के अवसर पर कांवड़ियों का उत्साह चरम पर देखने को मिला। केसरिया वस्त्र धारण किए श्रद्धालु गंगाजल लेकर लंबी पदयात्रा करते हुए अपने-अपने शिवालयों की ओर प्रस्थान करते हैं, जहां वे भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।मंदिर के पुजारी उद्धव पांडेय ने बताया कि हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। कांवड़ यात्रा आस्था, श्रद्धा और समर्पण का अद्भुत प्रतीक है।वहीं कांवड़ियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन और कोतवाली पुलिस द्वारा गंगा घाट पर व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जिससे यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।