लाखों की लागत से निर्मित सामुदायिक शौचालय बने शो-पीस, ग्रामीणों ने उठाए सवाल

Share
अमेठी। जनपद के विभिन्न विकास खंडों के ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों रुपये की लागत से निर्मित सार्वजनिक शौचालय एवं स्नानागार (सामुदायिक शौचालय) उपयोग के अभाव में निष्प्रयोज्य साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन सुविधाओं का निर्माण तो कराया गया, लेकिन अधिकांश स्थानों पर ये हमेशा बंद ही पड़े रहते हैं, जिससे आम जनता को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि इन सामुदायिक शौचालयों का निर्माण क्या केवल औपचारिकता और फोटो खिंचवाने के लिए कराया गया है? उन्होंने सवाल उठाया कि जब ये भवन उपयोग में ही नहीं आ रहे, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? सरकार द्वारा जनहित को ध्यान में रखते हुए किए गए इस खर्च का उद्देश्य ही अधूरा रह गया है।
जनपद के सैकड़ों ग्रामीणों ने बताया कि वे लगातार समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन तक अपनी समस्याएं पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।ग्रामीणों ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएं, विशेषकर स्वच्छ भारत मिशन, क्या केवल कागजों तक ही सीमित रह गई हैं। उनका आरोप है कि कुछ जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण जनहित की योजनाएं धरातल पर प्रभावी नहीं हो पा रही हैं और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं।ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेते हुए जांच कराए तथा दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंच सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *