भादर/अमेठी। भादर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामगंज में सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यहां तैनात नर्स पर मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया गया है।बताया जा रहा है कि अस्पताल में आने वाली महिलाओं और उनके परिजनों को नर्स द्वारा ऐसी दवाएं लिखी जाती हैं, जो बाजार से खरीदनी पड़ती हैं, जबकि वही दवाएं सरकारी अस्पताल में नि:शुल्क उपलब्ध हैं। आरोप है कि मरीजों को मजबूरी में मेडिकल स्टोर से महंगे दामों पर दवा लेनी पड़ रही है।स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि लिखी जा रही दवाओं पर कमीशन का खेल चल रहा है, जिससे मरीजों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। इसको लेकर क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है।हालांकि, इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।