राजीव जायसवाल
बड़हलगंज विकास खंड के पिड़हनी चौराहे पर आयोजित श्री राम कथा में प्रख्यात कथावाचक अतुल पारासर महाराज ने कहा कि माता-पिता और गुरु की सेवा करने वाला पुत्र भाग्यशाली होता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुख में साथ देने वाले अनेक होते हैं, लेकिन दुख में साथ देने वाला ही सच्चा हितैषी होता है।
महाराज पारासर ने बताया कि असमय में दुनिया भले ही साथ छोड़ दे, लेकिन मां की ममता आजीवन मिलती रहती है और वह कभी साथ नहीं छोड़ती। उन्होंने कहा कि माता-पिता और गुरु का आज्ञाकारी संतान सदैव खुशहाल रहता है।कथा के दौरान अतुल पारासर महाराज ने श्रीराम वनगमन का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान राम ने अपनी माता की आज्ञा का पालन करते हुए वनगमन किया। उन्होंने श्रोताओं से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।कथावाचक ने यह भी कहा कि राम नाम के जाप से मोक्ष की प्राप्ति संभव है। संगीतमय कथा के रसपान के दौरान उपस्थित दर्शकों ने खूब वाहवाही की और कथा का आनंद लिया।कथा का शुभारंभ यजमान हरिशंकर सिंह, अनिल तिवारी, नीलम तिवारी, रेनू तिवारी, श्यामा देवी, केशव सिंह और महेंद्र मौर्य ने व्यास पीठ की आरती कर किया। इस अवसर पर सत्येंद्र मिश्रा, चंद्रधर पाण्डेय, धर्मदेव पाल, वीरेंद्र सिंह, राजीव चौबे, राघवेन्द्र मिश्र, नितेंद्र तिवारी, रिंकू तिवारी, राजन सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
बड़हलगंज विकास खंड के पिड़हनी चौराहे पर आयोजित श्री राम कथा में प्रख्यात कथावाचक अतुल पारासर महाराज ने कहा कि माता-पिता और गुरु की सेवा करने वाला पुत्र भाग्यशाली होता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुख में साथ देने वाले अनेक होते हैं, लेकिन दुख में साथ देने वाला ही सच्चा हितैषी होता है।
महाराज पारासर ने बताया कि असमय में दुनिया भले ही साथ छोड़ दे, लेकिन मां की ममता आजीवन मिलती रहती है और वह कभी साथ नहीं छोड़ती। उन्होंने कहा कि माता-पिता और गुरु का आज्ञाकारी संतान सदैव खुशहाल रहता है।कथा के दौरान अतुल पारासर महाराज ने श्रीराम वनगमन का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान राम ने अपनी माता की आज्ञा का पालन करते हुए वनगमन किया। उन्होंने श्रोताओं से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।कथावाचक ने यह भी कहा कि राम नाम के जाप से मोक्ष की प्राप्ति संभव है। संगीतमय कथा के रसपान के दौरान उपस्थित दर्शकों ने खूब वाहवाही की और कथा का आनंद लिया।कथा का शुभारंभ यजमान हरिशंकर सिंह, अनिल तिवारी, नीलम तिवारी, रेनू तिवारी, श्यामा देवी, केशव सिंह और महेंद्र मौर्य ने व्यास पीठ की आरती कर किया। इस अवसर पर सत्येंद्र मिश्रा, चंद्रधर पाण्डेय, धर्मदेव पाल, वीरेंद्र सिंह, राजीव चौबे, राघवेन्द्र मिश्र, नितेंद्र तिवारी, रिंकू तिवारी, राजन सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।